किसके इसारे पर राजकुमारी का बचाव कर रही है बंडामुंडा़ पुलिस 

किसके इसारे पर राजकुमारी का बचाव कर रही है बंडामुंडा़ पुलिस 

 बंडामुंडा़ थाना द्वारा DEPT2023324701,Dt-31-08-2023 के जबाब में लगाया गया जाँच रिपोर्ट No - 2045/HRPC Dt.09-10-2023 में पुलिस द्वारा इस बात का उल्लेख किया गया है कि राजकुमारी के ससुर स्वर्गीय हुकुम चौधरी के दो पुत्र है, जिन्होंने राउरकेला इस्पात संयंत्र की जमीन पर अवैध कब्जा करके घर बनाया है,जो तिलकानगर "सी" ब्लाक में है।और उस घर में राजकुमारी चौधरी अपने 15 वर्षीय बेटी के साथ अकेली रहती है। जिसे राजकुमारी का देवर घर से निकला चाहता है,इसलिए उन्हें न्यायालय में जाना चाहिए। इस जाँच रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि राजकुमारी का पति और देवर दोनो व्यापारीक वजह से राउरकेला के एक किराए के घर में रहते है।

जबकि DM2023198650 Dt.28-03-2023 में दर्ज शिकायत की जाँच रिपोर्ट No-766/HRPC Dt-25-04-2023, में  इस बात का उल्लेख किया गया है कि राजकुमारी का देवर अपने भैया भाभी के खराब वर्ताव के कारण सोरडा में रहता है।इस रिपोर्ट में स्वर्गीय हुकुम चौधरी के तीन पूत्रो का उल्लेख मिलता है।

DEPT 2023324701 और DM 2023198650 बंडामुंडा़ पुलिस द्वारा सही कार्यवाही ना किए जाने के कारण पुलिस उच्चाधिकारी और जिला कलेक्टर के पास शिकायत की गई थी।लगभग 5 महीने के अंतराल में इन दिनों शिकायतों पर लगाई गई जाँच रिपोर्ट में जमीन आसमान का फर्क नजर आ रहा है। 
जबकि हकीकत यह है कि राजकुमारी चौधरी के उदंड़ व्यवहार और अपने देवर द्वारा निर्मित घर को हड़पकर अकेली रहने की नीयत से अपने देवर पर बार बार मिथ्या आरोप लगाकर उसे झूठे मुकदमें में फंसाने की कोशिश करने के कारण उसका पति उसे लेकर अलग रह रहा था जिसका उल्लेख उन्होने अपने शपथ पत्र में भी किया है। 

यह घर राउरकेला इस्पात संयंत्र द्वारा राजकुमारी के स्वर्गीय ससुर को आवंटित की गई भूमि पर बना हुआ है। राउरकेला इस्पात संयंत्र की नयी इकाई की स्थापना के लिए पूराना कोयला गेट बस्ती का उच्छेद किया गया था और बस्ती से विस्थापित लोगों को बसाने के लिए तिलकानगर में भूमि आवंटित की गई थी। और राजकुमारी की बेटी की उम्र 19 साल के करीब है।
पर राजकुमारी चौधरी अपने पति के साथ रहने के बजाए बार बार अपने देवर के घर में उनकी अनुपस्थिती का लाभ उठाकर ताला तोड़कर रहने लगती है और जब उस घर में उसका देवर, देवरानी, या पति या अन्य कोई भी आता है तो उसपर झूठे आरोप लगाकर उससे लडने झगडने लगती है, मारपीट करती है और उल्टा उन लोगों के खिलाफ थाने में जाकर झूठी शिकायत करती है।और बंडामुंडा़ थाने की पुलिस उस झूठी शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर उन लोगों को परेशान करती है।  इस संबध में राजकुमारी पर दिनांक 02-10-2023 को बंडामुंडा थाने में राजकुमारी के बिरूद्ध एक प्राथमिकी दर्ज हुआ है। और 09-10-2023 को जांच रिपोर्ट लगाई जाती है जिसमे ठोस प्रमाण देकर 9 पारो में लिखी गई प्राथमिकी की हर बात झुठला दी गई। तो क्या हफ्ते भर में पुलिस ने पूरी झानबीन निपटा दी। और राजकुमारी को घर से निकालने के लिए उसके देवर को न्यायालय में जाने की सलाह दी जा रही है। जबकि राजकुमारी को उसके देवर के घर में अवैध रूप से कब्जा दिलाने में पुलिस ने पूरा सहयोग किया है।राजकुमारी द्वारा हर बार पुलिस की जानकारी में ही ताला तोड़ा गया है। इतना तक की 01-05-2022 के दिन पुलिस की PCR वैन ने आकर राजकुमारी के पति से जबरन घर का ताला खुलवाया गया। और अब पुलिस स्वयं को बचाने के लिए झूठा जांच रिपोर्ट लगाकर मामला न्यायालय को थोप रही है।


 पुलिस द्वारा लगाई गई जाँच रिपोर्ट पर नजर डाले तो साफ पता चलता है कि  राजकुमारी चौधरी उसघर में अकेली रहना चाहती है,और बंडामुंडा़ थाना की पुलिस राजकुमारी को इस काम में पूरा मदद कर रही है।जबकि राजकुमारी को घर से जाने के लिए 2021 में दो बार लीगल नोटिस भी दिया जा चुका है। और जब इन पुलिसकर्मीयो की शिकायत उच्चअधिकारी से की जाती है तो राजकुमारी के पक्ष में झूठा जाँच रिपोर्ट लगाकर मामले को उलझाया जाता है।
 यहाँ कई सारे प्रश्न उठते है,जैसे राजकुमारी चौधरी के पास आमदनी का कोई स्त्रोत ना होने पर भी वह घर में अकेली क्यों रहना चाहती है। और जब राजकुमारी चौधरी को अपने देवर के घर में ताला तोड़कर अवैध रूप से कब्जा दिलाने में पुलिस का पूरा हाथ है तो उसे अपने घर से हटाने के लिए उसका देवर राजकुमारी के विरूद्ध न्यायालय में क्यों जाए। इन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए।
फिलहाल पुलिस द्वारा लगाई गई दोनो जाँच रिपोर्ट पर सूचना का अधिकार के तहत जाँच रिपोर्ट में उल्लेख की गई बातों का प्रमाण के साथ सूचना माँगी गई है। अब देखना यह है कि पुलिस इस जाँच रिपोर्ट में उल्लेख की गई बातो को कैसे प्रमाणित करती है। और प्रमाणित ना करपाने की सूरत में संबंधित पुलिसवालो पर क्या कार्यवाही की जाती है। 
क्योंकि सच्चाई यह है कि राजकुमारी चौधरी के स्वर्गीय ससुर के छः संतान है। राजकुमारी के पति व देवर अलग अलग रहते है,और उन्होने राउरकेला में किसी मकान को भी किराए पर नहीं ले रखा है। राजकुमारी की बेटी की उम्र 19 साल के करीब है, पर पुलिस अपनी जाँच रिपोर्ट में 15 साल क्यों लिखा इस आडियो में छिपा है इसका राज-